ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध कब ख़त्म हो सकता है, डोनाल्ड ट्रंप ने बताया
ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध कब ख़त्म हो सकता है, डोनाल्ड ट्रंप ने बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका की जंग जल्द ही समाप्त होने वाली है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह बात कही है.
ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो सकती है, इस पर उन्होंने कहा, हां, बिल्कुल.
लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वास्तव में इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो जाएगी, तो उन्होंने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन यह जल्द होगा. ज़्यादा समय नहीं लगेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल सप्लाई काफ़ी हद तक तबाह हो चुकी है और अब यह युद्ध से पहले के मुक़ाबले बहुत कम रह गई है.
उन्होंने ब्रिटेन और नेटो सदस्य देशों के सहयोगियों की फिर आलोचना की. ट्रंप का कहना है कि ये देश युद्ध के दौरान अमेरिका का साथ देने में हिचकिचा रहे हैं.
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि कुछ देश होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा से जुड़ी अमेरिका की योजना में मदद के लिए आगे आ रहे हैं. ट्रंप ने इन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि दक्षिण कोरिया, जापान और चीन जैसे देशों को भी अमेरिका की मदद करनी चाहिए.(bbc.com/hindi)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका की जंग जल्द ही समाप्त होने वाली है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह बात कही है.
ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो सकती है, इस पर उन्होंने कहा, हां, बिल्कुल.
लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वास्तव में इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो जाएगी, तो उन्होंने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन यह जल्द होगा. ज़्यादा समय नहीं लगेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल सप्लाई काफ़ी हद तक तबाह हो चुकी है और अब यह युद्ध से पहले के मुक़ाबले बहुत कम रह गई है.
उन्होंने ब्रिटेन और नेटो सदस्य देशों के सहयोगियों की फिर आलोचना की. ट्रंप का कहना है कि ये देश युद्ध के दौरान अमेरिका का साथ देने में हिचकिचा रहे हैं.
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि कुछ देश होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा से जुड़ी अमेरिका की योजना में मदद के लिए आगे आ रहे हैं. ट्रंप ने इन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि दक्षिण कोरिया, जापान और चीन जैसे देशों को भी अमेरिका की मदद करनी चाहिए.(bbc.com/hindi)