नेशनल लोक अदालत में हजारों मामलों का निराकरण

4 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित छत्तीसगढ़ संवाददाता कोंडागांव, 16 मार्च। जिला न्यायालय परिसर कोंडागांव में 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 12,123 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 4,06,67,607 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण छत्तीसगढ़, बिलासपुर के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव की अध्यक्ष किरण चतुर्वेदी ने किया। नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय कोंडागांव में 3 खंडपीठ, तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल में 1 खंडपीठ, तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर में 2 खंडपीठ तथा राजस्व प्रकरणों के लिए कोंडागांव और नारायणपुर के राजस्व न्यायालयों में 1-1 खंडपीठ का गठन किया गया। इस प्रकार कुल 8 खंडपीठों के माध्यम से मामलों का निराकरण किया गया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का समझौते और आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इनमें बैंक रिकवरी के 1958 प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिनमें 33,09,797 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। आपराधिक मामलों के 12 प्रकरणों में 3,70,000 रुपये का अवार्ड दिया गया। बिजली बिल से संबंधित 2678 मामलों का निराकरण हुआ, जिनमें 6,55,407 रुपये की राशि तय की गई। इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा के 8 मामलों में 2,14,80,000 रुपये, चेक बाउंस के 4 मामलों में 3,83,500 रुपये तथा अन्य सिविल मामलों के 9 प्रकरणों में 1,39,52,403 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। यातायात चालान के 1566 मामलों का निराकरण हुआ, जिनमें 1,59,700 रुपये की राशि प्राप्त हुई। राजस्व से जुड़े 4908 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। नगरपालिका से संबंधित 850 मामलों में 3,62,000 रुपये, दूरसंचार के 97 मामलों तथा अन्य 33 मामलों का भी निपटारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय कोंडागांव की टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों का रक्तचाप और शुगर की जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। इसके साथ ही समझौते से मामलों का समाधान करने वाले पक्षकारों को न्यायाधीशों द्वारा काजू, जामुन, आंवला और नींबू के पौधे भेंट किए गए। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया।

नेशनल लोक अदालत में हजारों मामलों का निराकरण
4 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित छत्तीसगढ़ संवाददाता कोंडागांव, 16 मार्च। जिला न्यायालय परिसर कोंडागांव में 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 12,123 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 4,06,67,607 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण छत्तीसगढ़, बिलासपुर के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव की अध्यक्ष किरण चतुर्वेदी ने किया। नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय कोंडागांव में 3 खंडपीठ, तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल में 1 खंडपीठ, तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर में 2 खंडपीठ तथा राजस्व प्रकरणों के लिए कोंडागांव और नारायणपुर के राजस्व न्यायालयों में 1-1 खंडपीठ का गठन किया गया। इस प्रकार कुल 8 खंडपीठों के माध्यम से मामलों का निराकरण किया गया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का समझौते और आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इनमें बैंक रिकवरी के 1958 प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिनमें 33,09,797 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। आपराधिक मामलों के 12 प्रकरणों में 3,70,000 रुपये का अवार्ड दिया गया। बिजली बिल से संबंधित 2678 मामलों का निराकरण हुआ, जिनमें 6,55,407 रुपये की राशि तय की गई। इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा के 8 मामलों में 2,14,80,000 रुपये, चेक बाउंस के 4 मामलों में 3,83,500 रुपये तथा अन्य सिविल मामलों के 9 प्रकरणों में 1,39,52,403 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। यातायात चालान के 1566 मामलों का निराकरण हुआ, जिनमें 1,59,700 रुपये की राशि प्राप्त हुई। राजस्व से जुड़े 4908 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। नगरपालिका से संबंधित 850 मामलों में 3,62,000 रुपये, दूरसंचार के 97 मामलों तथा अन्य 33 मामलों का भी निपटारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय कोंडागांव की टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों का रक्तचाप और शुगर की जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। इसके साथ ही समझौते से मामलों का समाधान करने वाले पक्षकारों को न्यायाधीशों द्वारा काजू, जामुन, आंवला और नींबू के पौधे भेंट किए गए। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया।